बिजली का आविष्कार किसने किया | Bijli Ka Avishkar Kisne Kiya

आजकल हर किसी के घर में बिजली का कनेक्शन तो होता ही है। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि बिजली का आविष्कार किसने किया है। शायद नहीं क्योंकि अगर आप बिजली ऑफिस करता के नाम जानते तो आप गूगल पर इस विषय के ऊपर सर्च करते हुए हमारे इस लेख में ना आते।

दोस्तों अगर आप इंटरनेट पर bijali ke aavishkarta के बारे में जानना चाहोगे तो आपको वहां पर इसका उत्तर अनेक वेबसाइट पर मिल जाएगा, लेकिन आज हम इस लेख में आपको बिजली के आविष्कर ता के नाम बोलने के साथ-साथ उनके बारे में एवं बिजली के बारे में भी बहुत कुछ विस्तारित तरीके से आलोचना करने वाले हैं। इसीलिए दोस्तों अगर आप यह सारी चीजों के बारे में विस्तारित तरीके से जानना चाहते हैं, तब हमारे इस लेख को अच्छी तरीके से परे जिससे आप बिजली संबंधित हर चीजों को जान सके।

बिजली का आविष्कार किसने किया

हालांकि बहुत सारे लोग ही बिजली का आविष्कार के लिए अनेकों वैज्ञानिक के नाम लेंगे लेकिन अधिकतर लोग ही बेंजामिन फ्रैंकलिन (Benjamin Franklin) को बिजली का आविष्कार था मानते हैं। बोला जाता है कि उस समय में बेंजामिन फ्रैंकलीन एक बार एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जो विज्ञान विभाग के अलग-अलग चीजों में उनका इंटरेस्ट था।

बिजली का आविष्कार किसने किया
बिजली का आविष्कार किसने किया

उन्होंने बिजली क्य आविष्कार के साथ-साथ और एक बड़ा आविष्कार भी किया जो है वाई फोकल ग्लास। हालांकि माना जाता है कि बिजली के आविष्कार था बहुत सारे वैज्ञानिक ने ही अलग-अलग समय में किया था लेकिन उसमें से कौन सा वैज्ञानिक सटीक तरीके से इस बिजली के पूरे फिजिकल फेमिना विश्लेषण करते हुए लोगों के सामने रखा था इसका प्रमाण बहुत कम लोगों के पास ही है।

और दोस्तों इस बिजली के आविष्कार के पीछे भी एक बहुत बड़ा काहे नहीं भी है जो आपको जानना बहुत ही आवश्यक है। असल में बिजली का आविष्कार कभी भी किया ही नहीं गया था क्योंकि बिजली हमारे पृथ्वी में पहले से ही था इसलिए वैज्ञानिकों ने सिर्फ इसका खोज ही किया था। आज इस लेख में हम लोग बिजली के संबंधित बहुत सारे चीजों को जानेंगे।

बिजली क्या है

आजकल के हर एक व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन में बिजली का महत्व क्या रखता है यह किसी को समझाने का जरूरत नहीं है। क्योंकि आजकल हर एक छोटे वाले काम के लिए ही बिजली का जरूरत पड़ता है जैसे कि मोबाइल चार्जिंग घर में लाइट एवं फैन का जलना से लेकर बहुत कुछ। आखिर में बिजली क्या है जाने से पहले हर एक लोगों के मन में एक ही प्रश्न आ रहा होगा कि इस बिजली का आविष्कार किसने किया या फिर खोज कैसे हुआ। और क्या लोग इसको अतीत में एक भगवान का रूप मानते थे।

अभी तक हमारी पृथ्वी में ऐसा कुछ चीजों का आविष्कार हो चुका है जो हमारे पूरे जीवन का ही परिवर्तन कर दिया है जिसमें से एक है बिजली। किसी भी विद्यार्थी की परिवह/परिपथ या फिर 0 में 1 वैद्युत एक बिंदु यानी कि इलेक्ट्रिक या फिर आयन को एक स्थान से दूसरे स्थान स्थान में स्थान परिवर्तन की गति को ही बिजली (Current) बोलते हैं।

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बिजली की खोज के पीछे का तत्थ

अभी तक आप हमारे इस लेख को पढ़कर यह तो जान ही चुके होंगे कि बिजली का आविष्कार किसने किया। और आप यह भी पर चुके होंगे कि बिजली का आविष्कार नहीं किया गया था वह किसका खोज किया गया था। पृथ्वी के जन्म से ही पृथ्वी में बिजली का अस्तित्व था। सिर्फ बाकी था इसका खोज करने के लिए।

अतीत में बहुत सारे विज्ञान एक इस बिजली को लेकर बहुत काम किया एवं हर एक ने उनके तरीके से इसको खोज करने के लिए प्रयास किया। हालांकि हमारे पास बिजली का खोज या फिर आविष्कार हेतु बेंजामिन फ्रैंकलीन का नाम ही है लेकिन ऐसे बहुत सारे ऐतिहासिक घटना है जिससे यह पता चलता है कि इससे पहले भी बिजली का खोज किया गया था।

इतिहास को देखा जाए तो 600 BC के समय थेल्स नामक एक व्यक्ति ने बोला था कि अगर कांच या फिर अंबर के टुकड़े को बिजली के शरीर में जो बाल होता है उससे रगड़ने के बाद उस काच एवं बिल्ली के बाल में पावर आ जाती है। यह बात जब फैंस ने बाकी लोगों को बताया तो लोग उनको पागल बोलने लगे एवं इसको एक काला जादू भी बोलने लगा था।

लेकिन उसके बाद थेल्स ने हार नहीं मानी एवं उसके ऊपर बहुत रिसर्च करने लगे। आप जानते होंगे कि ग्रुप में जो शब्द अंबर है उसको इलेक्ट्रिक कहा जाता है तो थेल्स नहीं इस चीज को इलेक्ट्रिसिटी के नाम पर ही नामांतर कर दिया। ठीक हूं उसके बाद 1752 में बेंजामिन फ्रैंकलीन नामक एक विज्ञान ने यह साबित कर दिया कि बिजली का चिंगारी एवं आसमान में गरजने वाला विद्युत भी एक बिजली की तरह ही है।

बिजली के आवेश करता बेंजामिन फ्रैंकलीन इसको सटीक तरीके से परीक्षण करने के लिए उन्होंने सन 1752 को बिजली की समय एक पतंग उड़ाया जहां पर उस पतंग के धागे में एक चाबी को लटका दिया था। ठीक उसी समय जब बिजली उत्पादन पर आ कर गिरी तब इस बिजली पतंग के भीगे हुए धागे से उस चाबी तक आया एवं बेंजामिन फ्रैंकलीन को भी एक इलेक्ट्रिक शॉक लगा। तभी बेंजामिन फ्रैंकलीन उनके जीवन को दांव में रखते हुए बिजली का आविष्कार किया था।

ठीक हूं उसके बाद अट्ठारह सौ साल में एलेक्जेंड्रा वोल्टा यह आविष्कार किया कि केमिकल यानी कि रासायनिक तरल पदार्थ से भी बिजली का आविष्कार किया जा सकता है। उन्होंने इस थ्योरी को काम में लगा कर दो तरीके का तरल के जरिए ही बिजली का उत्पत्ति कर रहे थे एवं आज भी हम लोग उनके नाम से ही बोल्ट (Volt) शब्द को जानते हैं जो बिजली के एकक माना जाता है।

उसके बाद शन 1831 साल के बाद जब डीसी करंट का उत्पत्ति हुआ था, तब से 1878 तक इसी कारण से ही अलग-अलग देशों में बल का आविष्कार करने के बाद लोगों को लाइट इस्तेमाल करने का सुविधा मिला। यह देखा गया है कि इस डीसी कारण से सिर्फ 2 से 3 किलोमीटर के अंदर ही आप पावर दे सकते हैं जिससे आप 2 से 3 किलोमीटर के अंदर ही एक स्टेशन से लाइट जला सकते हैं।

इसी को क्योंकि ऊपर काम करने के निकूला टेस्ला एक ऐसा करंट बनवाना चाह रहे थे जो डीसी करंट से अच्छा हो यानी कि आज के दिन में हम लोग जो ऐसेAC करंट यूज़ करते हैं वह।

तो दोस्तों यह है बिजली आविष्कार का पूरा इतिहास है जो हर किसी को जानना बहुत ही आवश्यक है।

बिजली का इस्तेमाल

आजकल हर कोई यह प्रश्न का उत्तर दे ही सकेंगे की बिजली का इस्तेमाल कहां-कहां हो रहा है एवं किस लिए हो रहा है। तो आज बिजली का आविष्कार किसने किया है यह जानने के बाद यह भी जान ही देते हैं कि बिजली का मुख्य इस्तेमाल कहां हो रहा है एवं कैसे बिजली का उत्पत्ति होता है। हम लोग हर एक एक घर में बाल्व, टीवी, फ्रिज इत्यादि हर एक चीज में ही बिजली का जरूरत पड़ता है लेकिन इसके अलावा भी भरी-भरी कर खाना मैं भी इसका उपयोग बहुत मात्रा में किया जाता है।

दोस्तों अगर आप बिजली का उत्पत्ति के बारे में जानना चाहते हैं तो आजकल हमारे भारत में सबसे ज्यादा बिजली का उत्पत्ति कोयला एवं गैस से ही होता है। अगर थोड़ा वैज्ञानिक भाषा में बोला जाए तो भारत में बहुत सारे पावर प्लांट हैं जहां पर एक गैस टरबाइन होता है जहां पर गैस को कंप्रेस करके उसमें गैस टरबाइन के जरिए पद्धति का उत्पादन किया जाता है।

निष्कर्ष

जैसे कि आप देख रहे हैं आज हम इस लेख में बिजली का आविष्कार किसने किया एवं बिजली का आविष्कार के साथ-साथ यानी किसका खोज के साथ-साथ डीसी करंट से एसी करंट का उत्पत्ति हुआ यह भी आलोचना किया। आशा करता हूं आप में से जो भी हमारी संदेश को अच्छी तरीके से करेंगे उसको ही बिजली की खोज संबंधित हर एक तत्थ को अच्छी तरीके से समझ में आ गया होगा।

by Suman Sahu
सुमन साहू जिसका उम्र 30 साल है, एक अनुभवी ब्लॉगर के साथ-साथ एक अनुभव भी उद्योग भी है। सुमन जी अपना ग्रेजुएशन न.आइ.टि अगरतला से एक इंजीनियर के डिग्री लेकर किया है। उसके बाद उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरीके से एक ब्लॉगर के तौर पर मानते हुए यह GovtsYojana.in वेबसाइट में काम करने के साथ-साथ और भी तीन वेबसाइट में काम करता है। इसके साथ-साथ सुमन साहू जी एक फ्रीलांसर भी है जो फाइबर एवं आप क जैसे प्लेटफार्म में काम भी करता है। सुमन जी हमेशा से ही एक अच्छे दिल के इंसान है जो हर वक्त दूसरे के समस्याओं को अपना समस्या मांगते हुए समाधान करने का प्रयास करते हैं। इस चीज को लेकर ही वह यह गवर्नमेंट योजना वाले वेबसाइट में हर तरीके का लेख लेकर लोगों को उसके समस्या के समाधान को लेकर आलोचना करते हैं।

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