आसमान नीला क्यों होता है | Why Sky Is Blue In Color

आप में से बहुत सारे लोग आसमान नीला क्यों होता है इसका कारण जानते ही नहीं है. असल में सिर्फ आप ही नहीं लगभग 70% लोग आसमान का कलर नीला क्यों होता है इसका असली कारण कभी जानते ही नहीं है या फिर कभी भी जानने का प्रयास भी नहीं किया होगा. आपमे से बहुत सारे लोग विज्ञान को स्कूल में तो पढ़ा ही होगा जिसमें आपको पता होगा कि आसमान का कोई कलर होता ही नहीं है.

लेकिन दूसरी और विज्ञान ही आपको प्रमाण करके देता है कि आसमान नीला क्यों होता है. तो क्या आप इसका कारण जानना नहीं चाहोगे? इस “Why Sky Is Blue” सवाल का जवाब आपको स्कूल में ही मिल जाता है. लेकिन हमारे देश में बहुत सारे लोगों को स्कूल शिक्षा का सुविधा ना मिल पाने के कारण बहुत सारे लोग इस सवाल का जवाब दे ही नहीं पाएंगे.

इसलिए आज हम आज इस लेख में आपको विस्तार में बताएंगे कि असल में आसमान का कलर नीला क्यों होता है एवं इसके पीछे सबसे बड़ा कारण क्या है. आशा करता हूं आप इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमारी इस लेख को अंत तक ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ेंगे.

आसमान नीला क्यों होता है
आसमान नीला क्यों होता है

आसमान नीला क्यों होता है?

आप इस सवाल का जवाब जानने से पहले हम आपको एक चीज बता देते हैं की आसमान नीला होने के कारण के पीछे सूर्य किरण का भूमि का सबसे ज्यादा है. क्योंकि हम जानते हैं हमारे पृथ्वी में जो भी रोशनी सूरज किरण से आते हैं एवं इन लाइट के साथ जो भी रंग आते हैं वह सब सूर्य किरण के कारण ही होता है. तो वास्तव में आप यह मान सकते हो कि आसमान का रंग नीला होने के पीछे एकमात्र कारण है सूर्य किरण.

तो अभी आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा कि जब हम सूर्य किरण को एक प्रिज्म के मध्य भेजते हैं तो आप लोगों को साथ अलग-अलग कलर रंग दिखाई देता होगा. लेकिन पृथ्वी से आसमान की तरफ देखने पर या फिर आसमान से पृथ्वी की तरफ देखने पर आपको सिर्फ नीला रंग ही क्यों दिखाई देता है. इसका कारण आपको विस्तार से जानने के लिए विज्ञान को थोड़ा विस्तार में जानना होगा.

आसमान नीला होने के वैज्ञानिक कारण

शायद आप जानते होंगे हमारे पृथ्वी के वायुमंडल में बहुत सारा धूलिकोना, माइक्रोस्कोपिक पार्टिकल्स एवं और भी बहुत सारे गैस रहते हैं जो हम लोगों को साधारणत नजर में नहीं दिखाई पड़ता है. तो जब भी सूर्य किरण हमारी पृथ्वी के तरफ आता है एवं हमारे वायुमंडल में प्रवेश करता है ठीक उसी समय वायुमंडल में जो भी छोटे बड़े पार्टिकल्स एवं गैस रहते हैं उसमें सूर्य किरण भरने के कारण ही हमको पूरे आसमान को नीला रंग दिखाई देता है.

लेकिन यह बात जानने के बाद में आपके मन में और एक प्रश्न आ रहा होगा कि सूर्य किरण में तो साथ अलग रंग रहता है तो हमारे भाइयों मंडल में सूर्य किरण प्रवेश करने के पश्चात भी हम लोगों को पृथ्वी से आसमान को एवं आसमान से पृथ्वी को देखने पर आसमान नीला क्यों होता है (sky blue kyu hota hai) एवं दिखता है. इस सवाल का जवाब पाने के लिए आपको प्रकाश आवृत्ति के बारे में जानना होगा.

असल में प्रकाश आवृत्ति सूर्य के हर एक किरण की रंगों का अलग अलग होता है जिसमें से सबसे छोटा प्रकाश आवृत्ति होता है बैंगनी, नीला एवं स्काई कलर का. दूसरी और बरा प्रकाश आवृत्ति वाले रंग का नाम है हरा, लाल, पीला, काला इत्यादि.

इसलिए जब भी सूर्य किरण का छोटे प्रकाश आवृत्ति वाले तरंग हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं एवं प्रवेश करने के बाद ही वह सारे तरंग हमारे भाई मंडल के गैस एवं अन्य सारे छोटे मॉलिक्यूल के साथ टकरा के चारों ओर फैल जाते हैं जो बड़े तरंग वाले प्रकाश आवृत्ति रंग के द्वारा संभव नहीं होता है. इस वजह से सारे छोटे प्रकाश आवृत्ति वाले तरंग हमारे वायुमंडल के चारों तरफ फैल जाते हैं जो लगभग नीला कलर के आसपास ही रंग होता है.

ठीक इसी कारण आपको आसमान का रंग हर समय नीला ही दिखाई देता है. इसके उपरांत अगर आप यह भी सोच रहे होंगे कि अगर हम लोग आसमान से पृथ्वी के तरफ देखने पर भी आसमान नीला क्यों होता है तो उसका भी सबसे बड़ा कारण है हमारे यह वायुमंडल एवं हमारे पृथ्वी के ज्यादातर हिस्से में पानी होने के कारण.

अभी आपको तो समझ में आ गया होगा कि आसमान का रंग नीला ना हो के अन्य रंग क्यों नहीं होता है.

FAQs

आसमान का असली रंग क्या है?

अगर वैज्ञानिक नजरों से देखा जाए तो आसमान का कोई भी रंग होता नहीं है लेकिन सूर्य किरण एवं हमारे वायुमंडल के कारण आसमान का रंग नीला दिखता है.

समुद्र का पानी नीला क्यों दिखाई देता है?

हमारे वायुमंडल के चारों और जब नीली प्रकाश का अब रीति फैला हुआ होता है ठीक उसी वक्त वह समुद्र के पानी में भी घुस जाता है. ठीक इसी कारण से समुद्र का पानी आसमान के जैसा ही नीला दिखता है.

आसमान नीला क्यों होता है?

सूर्य किरण एवं हमारी पृथ्वी के वायुमंडल के कारण आसमान नीला होता है.

आकाश का नीला रंग क्या होता है?

सूर्य किरण जाप वायुमंडल में पड़ता है तब सूर्य किरण का नीला तरंग छोटे होने के कारण हमारे वायुमंडल के गैस से टकरा के चारों ओर फैलता है जो हमको नीले कलर का आकाश दिखता है.

आसमान में क्या है

अगर वैज्ञानिक नजरों से देखा जाए तो आसमान में तारे नक्षत्र बहुत छोटे बड़े पत्थर के फुकरे होते हैं.

आसमान की ऊंचाई कितनी है?

आसमान की ऊंचाई कितनी है यह कोई भी नहीं बोल सकता है?

निष्कर्ष

तो आप हमारे इस लेख को पढ़कर अच्छी तरीके से जान गए होंगे कि आसमान नीला क्यों होता है एवं आसमान से पृथ्वी की तरफ देखने पर भी नीला रंग क्यों दिखाई देता है. इसके उपरांत अगर आपके मन में आसमान का रंग नीले को लेकर खुशी भी प्रश्न है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं.

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by Sayan Das
सायन दास एक अच्छे आर्टिकल लेखक है जो हमेशा से ही टाटमूलक लेख लिखने में अपना अधिक से अधिक समय में करता है। इसके अलावा वह सरकारी योजना बिजनेस लोन एवं विभिन्न तरीके का जब संबंधित लेख लिखने में भी माहिर है। सायन दास एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर है जिसके पास ब्लॉगिंग संबंधित 6 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस है। इसी एक्सपीरियंस के साथ वह यह गवर्नमेंट योजना वेबसाइट में पिछले 3 साल से कम कर रहा है एवं लोगों को उनके समस्या का समाधान ढूंढने में भी सहायता कर रहा है। और दोस्तों अगर आप शायद दास के साथ कांटेक्ट करना चाहते हैं तो वह सोशल मीडिया यानी की फेसबुक पर भी मिल जाएगा।

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